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Hindi Essay on Manoranjan Ke Adhunik Sadhan ( मनोरंजन के आधुनिक साधन ) | Essay on Modern Means of Entertainment

Hindi Essay on Manoranjan Ke Adhunik Sadhan ( मनोरंजन के आधुनिक साधन ) | Essay on Modern Means of Entertainment 


मनोरंजन के आधुनिक साधन | हिंदी निबंध

Essay :

आधुनिक युग में वैज्ञानिक आविष्कारों ने मानव जीवन को अत्यधिक व्यस्त कर दिया है । इसके अतिरिक्त प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक बढ़ गई है कि मनुष्य को अपनी सामान्य आवश्यकताओं जैसे- रोटी, कपड़ा व मकान आदि के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है ।

मनुष्य के जीवन में निरंतर कार्य उसे शिथिल बना देता है । उसकी ऊर्जा क्षीण होने लगती है । इन परिस्थितियों में मनोरंजन के आधुनिक साधन मनुष्य की खिन्नता व अवसाद को दूर कर उसमें नवीनता व उल्लास का संचार करते हैं । मनुष्य चाहे व्यापार में हो अथवा व्यवसाय में सभी को कहीं न कहीं, कभी न कभी मनोरंजन के साधनों का सहारा लेना ही पड़ता है ।

मनुष्य की वैज्ञानिक क्षेत्र में अपार सफलता ने मनोरंजन के अनेकों नवीनतम साधन विकसित किए हैं । नौटंकी, कठपुतली का नाच, आल्हा-उदल के संगीत, साँड एवं भैंसों की लड़ाई आदि प्राचीन मनोरंजन के साधनों का स्थान रेडियो, दूरदर्शन व चलचित्र ने ले लिया है ।

इस प्रकार हम देखते हैं कि मनुष्य ने अपनी रुचि और पसंद के अनुसार मनोरंजन के अनेक साधन विकसित किए हैं । इनमें से कुछ मनोरंजन के साथ ही साथ उसके स्वास्थ्य को भी ठीक रखते हैं तो कुछ अन्य साधन उसकी बुद्‌धि की कुशाग्रता को बढ़ाते हैं ।

इस प्रकार मनोरंजन के आधुनिक साधन मानव जीवन की नीरसता, सांसारिक विरक्ति आदि का निवारण कर उनमें उत्साह एवं साहस का नवीन संचार करते हैं । गृहणियाँ खाली समय में टेलीविजन देखकर अपने कार्य की ऊब मिटाती हैं । ये साधन इस दृष्टि से मनुष्य के लिए मात्र साधन ही नहीं अपितु जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं । परंतु मनोरंजन के आधुनिक साधनों के दुरुपयोग से हमें बचना चाहिए ।


Essay :- 1

मानस एवं रंजन संस्कृत के इन शब्दों से व्युप्तन्न मनोरंजन शब्द का अर्थ है, मन की प्रसन्नता| बौद्धिक तथा शारीरिक श्रम के बाद मनुष्य मन ही मन थक जाता है| उस समय जैसे शारीरिक थकान मिटाने के लिए विश्राम और कुछ खाने की आवश्यकता होता है| वैसे ही मन की थकान मिटाने के लिए मनोरंजन की जरुरत होती है| मनोरंजन वास्तव में मन का 'टानिक' और शरीर के लिए संजीवनी सुधा है| सच तो यह है कि यदि मनोरंजन न हो तो मनुष्य और पशु में कोई अन्तर ही न रह जाय|

मनुष्य स्वाभाव से ही मनोरंजन प्रिय होता है मनोरंजन का इतिहास बहुत पुराना है| उसका सम्बन्ध मनुष्य की सभ्यता के साथ जुड़ा हुआ है| जैसे-जैसे वह सभ्य होता गया, वैसे-वैसे मनोरंजन के नये-नये साधनों की खोज करता गया| प्राचीन काल में गीत, संगीत, नृत्य तथा नाटक आदि से भी वे अपना मनोरंजन करतें थे| वे जुआ भी खेलते थे और अन्य अनेक क्रीड़ाओं में भाग लेते थे| पशु-पक्षियों की लड़ाई का आयोजन, अस्त्र-शास्त्र संचालन तथा घुड़सवारी आदि से भी वे मनोरंजन करते थे| विशिष्ट अवसरों पर सामूहिक रूप से उत्सव और त्यौहार मनाकर भी मनोरंजन कर लेते थे|

फिर मनोरंजन का इतिहास बदला| विज्ञान के साथ मनोरंजन के क्षेत्र में भी बहुत परिवर्तन हुए| वैज्ञानिकों ने मनोरंजन के नये-नये तरीके और साधन खोज निकाले| सबसे पहले ग्रामोफोने आया| उसने अपने गीतों से लोगों का मन बहलाना शुरू कर दिया| इसके बाद मनोरंजन की दुनिया में रेडियो और चलचित्र का आगमन हुआ| सिनेमा ने मनोरंजन की दुनिया में धूम मचा दी| इतना सस्ता और सुलभ मनोरंजन का और कोई साधन नहीं| वास्तव में संगीत, नृत्य, कहानी, वार्तालाप और अभिनय का जैसा सुन्दर समन्वय चलचित्र में मिलता है वैसा और कही नहीं| सिनेमा-हाल में बैठकर सभी प्रकार के लोग अपनी इच्छा के अनुसार आनंद प्राप्त कर सकते हैं| कुछ देर के लिए वे सभी चिन्ताओं से मुक्त होकर कल्पना के कमनीय लोक में खो जाते हैं| रेडियों से प्रसारित होने वाले गीतों और नाटकों से भी लोगों का मनोरंजन होता है|

दुरदर्शन तथा वीडियो मनोरंजन के आत्याधुनिक साधन है| दुरदर्शन ने तो मनोरंजन की दुनिया में एक नये युग का आरम्भ कर दिया है| उसने रेडियो और चलचित्र को भी मात दे दी है| इसे अगर हम जादू का पिटारा कहें तो इसमें अत्युक्त नहीं| दुरदर्शन पर सिर्फ समाचार ही नहीं, घर बैठे फिल्में, क्रिकेट और हाकी आदि के खेल भी देख सकते हैं| घर के बहार जाने और खरीदने की भी आवश्यकता नहीं| इसमें पैसे और समय दोनों की बचत होती है| दुरदर्शन के कर्योंक्रमों की कुछ शृंखलाएँ लोगों के दिल को जीत लेती हैं| प्रायोजित कार्यक्रम भी लोगों का अच्छा मनोरंजन करते हैं| वास्तव में दुरदर्शन मनोरंजन के क्षेत्र में विज्ञान का एक ऐसा अविष्कार है, जो सारी दुनिया का ह्रदय हार बन गया है|

इन वैज्ञानिक साधनों के आलावा नाटक, सर्कस, प्रदर्शनी आदि अनेक साधनों का उपयोग भी मनोरंजन के लिए होता है| क्रिकेट, हाकी और फुटबॉल जैसे खेलों में भी भाग लेकर और उन्हें देखकर लोग अपना मनोरंजन करते है| शतरंज, ताश, चौपड़, केरम आदि मनोरंजन के घरेलु साधन है| पढ़े-लिखे लोग उपन्यास, नाटक, लघुकथाएँ और पत्र-पत्रिकाओं द्वारा भी अपना मनोरंजन कर लेते हैं, इसे मनोरंजन के साथ उनका ज्ञानवर्धन भी होता है| मेलों, तमाशों और पर्यटनों से भी मनुष्य का मनोरंजन ही जाता है| फोटोग्राफी जैसे शौंक से लोगों का मन बहल जाता है|

इस प्रकार देखते है कि मनोरंजन का क्षेत्र बहुत व्यापक है| अपनी-अपनी रूचि के अनुसार लोग मनोरंजन के साधनों का उपयोग करते हैं| शहर को जो साधन प्राप्त हैं, वे गाँव वालों को नहीं| पर इन समस्त साधनों में एक बात समान्य है कि उनसे मनुष्य को आनंद मिलता है| उनका मनोविनोद होता है| वास्तव में इस आपाधापी के युग में हमारे व्यस्त जीवन को स्वस्थ रखने में मनोरंजन उतना ही आवश्यक है जितना हवा और पानी|

Essay - 2

एक समय था जब मनोरंजन के लिए लोग शिकार खेला करते थे | सभ्यता में विकास के बाद दूसरे खेल लोगों के मनोरंजन के साधन बने | आज भी खेल लोगों के मनोरंजन के प्रमुख साधन हैं, किन्तु आजकल खेलों को प्रत्यक्ष रुप से देखने के बजाए किसी इलेक्ट्रानिक माध्यम से इसे देखने वालों की संख्या बढ़ी है | इस समय टेलीविजन, रेडियो तथा इंटरनेट एंव कंप्यूटर मनोरंजन के प्रमुख एंव हाई-टेक साधन हैं | आइए, मनोरंजन के इन हाई-टेक साधनों के बारे में विस्तार से जानते हैं |

टेलीविजन- टेलीविजन आजकल लोगों के मनोरंजन का एक प्रमुख साधन बन चुका है | इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि टेलीविजन पर हर आयु वर्ग के लोगों के लिए कार्यक्रम मौजूद हैं | गृहणियां कुकिंग सहित सास-बहुओं पर आधारित टी.वी शो देख सकती हैं | बच्चे कार्टून कार्यक्रम सहित तमाम तरह के गीत-संगीत पर आधारित रियलिटी शो देख सकते हैं | पुरुष न्यूज चैनलों के साथ-साथ क्रिकेट मैच का प्रसारण देख सकते हैं | बुजुर्ग लोग समाचारों, धारावाहिकों के अलावा धार्मिक चैनलों पर सत्संग एंव प्रवचन का आनंद ले सकते हैं |

रेडियो– आधुनिक काल में रेडियो मनोरंजन का एक प्रमुख साधन बनकर उभरा है | रेडियो पर गीत-संगीत के अलावा सजीव क्रिकेट कमेंट्री श्रोताओं को आनंदित तो करती ही है, जब से एफ.एम. चैनलों का पदार्पण भारत में हुआ है, रेडियो की उपयोगिता और बढ़ गई है | आजकल हम लोगों को मोबाइल फोन के माध्यम से विभिन्न एफ.एम. स्टेशनों को सुनते देखते हैं | रेडियो मिर्ची, रेड एफ.एम., रेडियो सिटी, रेडियो म्याऊ इत्यादि चर्चित एफ.एम. स्टेशन हैं | ये श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं | आज एफ.एम. प्रसारण दुनिया भर में रेडियो प्रसारण का पसंदीदा माध्यम बन चुका है | इसका एक कारण इससे उच्च गुणवत्ता युक्त स्टीरियोफोनिक आवाज की प्राप्ति भी है | शुरुआत में इस प्रसारण की देश भर में कवरेज केवल 30 प्रतिशत थी, किन्तु अब इसकी कवरेज बढ़कर 60 प्रतिशत से अधिक तक जा पहुंची है |

कंप्यूटर एंव इंटरनेट– आधुनिक मनोरंजन के साधनों में कंप्यूटर एंव इंटरनेट का स्थान अग्रणी है | भारतीय युवाओं में इनका प्रयोग तेजी से बढ़ा है | इंटरनेट को तो कोई जादू, तो कोई विज्ञान का चमत्कार तो कोई ज्ञान का सागर कहता है | आप इसे जो भी कहिए किन्तु इस बात में कोई संदेह नहीं कि सूचना-क्रांति की देन यह इंटरनेट न केवल मानव के लिए अति उपयोगी साबित हुआ है बल्कि संचार में गति एवं विविधता के माध्यम से इसने दुनिया को बिल्कुल बदल कर रख दिया है |

आज विश्व के कुल 6.8 अरब से अधिक लोगों में से लगभग 2 अरब लोग इंटरनेट से जुड़े हुए हैं | अमेरिका में इंटरनेट से जुड़े लोगों की संख्या सर्वाधिक पूरे विश्व का लगभग 20 प्रतिशत है | भारत में ऐसे लोगों की संख्या 6 करोड़ से अधिक है | इंटरनेट ने सरकार, व्यापार और शिक्षा को नए अवसर दिए हैं | सरकारें अपने प्रशासनिक कार्यों के संचालन, विभिन्न कर प्रणाली, प्रबंधन और सूचनाओं के प्रसारण जैसे अनेकानेक कार्यों के लिए इंटरनेट का उपयोग करती हैं | कुछ वर्ष पहले तक इंटरनेट व्यापार और वाणिज्य में प्रभावी नहीं था लेकिन आज सभी तरह के विपणन और व्यापारिक लेन-देन इसके माध्यम से संभव हैं | इंटरनेट पर आज पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं, रेडियो के चैनल उपलब्ध हैं और टेलीविजन के लगभग सभी चैनल भी मौजूद हैं | इंटरनेट के माध्यम से मीडिया हाउस ध्वनि और दृश्य दोनों माध्यम के द्वारा ताजातरीन खबरें और मौसम संबंधी जानकारियां हम तक आसानी से पहुंच रही हैं | नेता हो या अभिनेता, विद्यार्थी हो या शिक्षक, पाठक हो या लेखक, वैज्ञानिक हो या चिंतक सबके लिए इंटरनेट उपयोगी साबित हो रहा है |

सिनेमा– बात मनोरंजन के आधुनिक साधनों की हो, या पूर्व साधनों की, यह सिनेमा के बिना अधूरी है | सिनेमा पहले भी लोगों के मनोरंजन का एक शक्तिशाली माध्यम था, आज भी है | आज पारिवारिक एवं हास्य से भरपूर फिल्में दर्शकों का स्वस्थ मनोरंजन कर रही है | एक व्यक्ति तनावपूर्ण वातावरण से निकलने एंव मनोरंजन के लिए सिनेमा का रुख करता है | हालाँकि वर्तमान समय में बहुत-सी फ़िल्में हिंसा एंव अश्लीलता का भौंडा प्रदर्शन भी करती हैं, किन्तु इन जैसी खामियों को दरकिनार कर दें, तो दर्शकों का स्वस्थ मनोरंजन ही करते हैं |